कल्याण सिंह लोधी की पांचवीं पुण्यतिथि पर सामाजिक संगठनों ने किया नमन, योगदान को किया याद

अंकित गुप्ता /पुष्पेंद्र कुमार /उजागर खबर /हापुड़
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह लोधी की पांचवीं पुण्यतिथि पर तहसील रोड स्थित श्री कृष्ण श्यामसुंदर शनि धाम मंदिर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी पंकज लोधी के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने स्वर्गीय कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शनिदेव के स्तंभ और पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय कल्याण सिंह लोधी के चित्र के समक्ष सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
राम मंदिर आंदोलन में भूमिका को किया याद
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए चले आंदोलन में कल्याण सिंह की भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि अयोध्या से जुड़े घटनाक्रम के दौरान उनके निर्णयों का देश की राजनीति और सामाजिक चेतना पर व्यापक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय रहा है और इस यात्रा में कल्याण सिंह का नाम हमेशा स्मरण किया जाएगा।
सुशासन और नकल विरोधी अभियान की भी हुई चर्चा
वक्ताओं ने कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सुशासन और प्रशासनिक अनुशासन को लेकर उठाए गए कदमों को भी याद किया। शिक्षा व्यवस्था में नकल के खिलाफ सख्त कार्रवाई को उनके कार्यकाल की प्रमुख पहलों में गिनाते हुए वक्ताओं ने कहा कि पारदर्शिता, कानून का पालन और शिक्षा में ईमानदारी आज भी समाज की महत्वपूर्ण जरूरत है।
अखिल भारतीय जाट महासभा के तहसील अध्यक्ष योगेंद्र चौधरी ने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन में दृढ़ इच्छाशक्ति और स्पष्ट निर्णयों के कारण अलग पहचान बनाई। राम मंदिर आंदोलन और प्रदेश में सुशासन के लिए उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
समर्थ शिक्षा सेवा समिति के सचिव उमेश कुमार लोधी ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन संघर्ष, अनुशासन और समाजसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नकल जैसी बुराई के खिलाफ उनके सख्त रुख को याद करते हुए विद्यार्थियों से ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय लोधी महासभा के जिला उपाध्यक्ष कुंवर पाल लोधी ने कहा कि कल्याण सिंह ने समाज और प्रदेश के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका और राजनीतिक जीवन का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। प्रजापति सभा के वरिष्ठ पदाधिकारी हरसरण प्रजापति ने कहा कि कल्याण सिंह का व्यक्तित्व दृढ़ता और राष्ट्रसेवा का प्रतीक था। उनके जीवन से समाज को ईमानदारी, सिद्धांतों और जनहित के लिए मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा मिलती है। ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी राजेंद्र नागर ने कहा कि कल्याण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना किया और अपने निर्णयों के लिए जाने गए। राम मंदिर के प्रति उनकी आस्था और सुशासन को लेकर उनका दृष्टिकोण लंबे समय तक याद किया जाएगा।
सामाजिक एकता और जनजागरूकता का लिया संकल्प
कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी पंकज लोधी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से पुण्यतिथि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में शिक्षा, सुशासन, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय कल्याण सिंह लोधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर योगेंद्र चौधरी, शिवाजी चौधरी, सभासद मनीष, फूलवाले कुमार पाल सिंह, जगवीर सिंह चौहान, जय सिंह राणा, सिद्ध सिंह, रविंद्र प्रकाश, विकास राजपूत, योगेंद्र राजपूत, हर्षण प्रजापति, उदयवीर सिंह, अहेरिया महेंद्र, भगवत प्रजापति, गब्बार सिंह, राजवीर सिंह, शोभित गर्ग, राजेंद्र नागर, संजय दीक्षित, एडवोकेट बबलू सहगल, अतुल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



