कांवड़ यात्रा-2026: मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस अलर्ट, कर्मियों को मिलेगा व्यवहारिक प्रशिक्षण, 673 संवेदनशील विद्युत स्थल चिन्हित

अंकित गुप्ता /पुष्पेंद्र कुमार /उजागर खबर /हापुड़
मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी के निर्देश पर कांवड़ ड्यूटी में तैनात किए जाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ग्रुपवार व्यवहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कांवड़ मार्गों का व्यापक भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, महिला, बुजुर्ग एवं बच्चों सहित श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार, धैर्य एवं संयम के साथ ड्यूटी निर्वहन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक पुलिसकर्मी को उसके ड्यूटी क्षेत्र से जुड़े कांवड़ मार्ग, शिविर, चिकित्सा केंद्र, पेयजल व्यवस्था, पुलिस सहायता केंद्र, रूट डायवर्जन एवं वैकल्पिक मार्गों की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कांवड़ मार्गों का कराया जा रहा है व्यापक सत्यापन मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पुलिस अधिकारियों, चौकी प्रभारियों और बीट कांस्टेबलों द्वारा कांवड़ मार्गों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान सड़क पर गड्ढे, निर्माण सामग्री, अवरोध तथा अन्य बाधाओं को चिन्हित कर संबंधित विभागों के माध्यम से उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा के लिए 441 स्थान चिन्हित भौतिक सत्यापन के दौरान सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत कुल 441 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां सुधार कार्य जारी है।
जनपदवार विवरण:
– मेरठ – 202 स्थान
– बुलंदशहर – 139 स्थान
– बागपत – 36 स्थान
– हापुड़ – 64 स्थान
विद्युत सुरक्षा के लिए 673 संवेदनशील स्थानों की पहचान
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए झुके हुए बिजली के पोल, नीचे लटकते या खुले बिजली के तार, बिना बैरिकेडिंग वाले ट्रांसफार्मर तथा कांवड़ मार्ग के समीप स्थित विद्युत उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 673 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जनपदवार विवरण:
– मेरठ – 141 स्थान
– Bulandshahr – 249 स्थान
– बागपत – 187 स्थान
– हापुड़ – 96 स्थान
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि श्रावण मास प्रारंभ होने से पहले सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से चिन्हित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कांवड़ ड्यूटी पर तैनाती से पूर्व प्रत्येक पुलिसकर्मी को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य होगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।



