हापुड़

अयोध्या में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में हापुड़ के साहित्यकार डॉ. अनिल बाजपेयी सम्मानित

अंकित गुप्ता /पुष्पेंद्र कुमार /उजागर खबर /हापुड़

हापुड़। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आयोजित भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में हापुड़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कवि एवं समाजसेवी डॉ. अनिल बाजपेयी को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं, भारतीय संस्कृति के संवर्धन तथा श्रीराम पर आधारित प्रभावशाली काव्य-सृजन के लिए सम्मानित किया गया। देशभर से आए प्रतिष्ठित कवियों की उपस्थिति में उनका सम्मान समारोह आकर्षण का केंद्र रहा।

कवि सम्मेलन में डॉ. बाजपेयी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति, प्रकृति, राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदनाओं और आध्यात्मिक चेतना पर आधारित अपनी ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण रचनाओं का प्रभावशाली काव्यपाठ किया। उनकी सहज, सरल और संदेशपरक प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक रचना के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और श्रोताओं ने उनसे बार-बार काव्यपाठ का आग्रह किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक जयशंकर पाण्डेय ने कहा कि डॉ. अनिल बाजपेयी की कविताएँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पण का संदेश देने वाली हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बाजपेयी की रचनाओं में भारतीय जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चेतना, प्रकृति-प्रेम और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।

काव्यपाठ के दौरान डॉ. बाजपेयी ने वर्षा ऋतु का मनोहारी चित्र प्रस्तुत करते हुए कहा—

“धरती माँ ने प्रेम से, भेजी नभ फ़रियाद।
जलधर ने आकर किया, वसुधा से संवाद॥”

इसके बाद उन्होंने प्रेम और विरह की भावनाओं को व्यक्त करते हुए यह दोहा सुनाया—

“पपीहा बोले प्रेम से, ‘पियू-पियू’ हर बार।
बूँद-बूँद में ढूँढ़ता, अपने प्रिय का प्यार॥”

इन रचनाओं ने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा। साहित्यप्रेमियों ने उनके प्रकृति-चित्रण, भाव-सौंदर्य और सहज अभिव्यक्ति की मुक्तकंठ से सराहना की।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने डॉ. अनिल बाजपेयी को स्मृति-चिह्न, सम्मान-पत्र और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उपस्थित साहित्यकारों ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. बाजपेयी अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, श्रीराम के आदर्शों और मानवीय मूल्यों का संदेश देशभर में निरंतर प्रसारित करते रहेंगे।

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