हापुड़

पिलखुवा में आषाढ़ पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई

अंकित गुप्ता /पुष्पेंद्र कुमार /उजागर खबर /हापुड़

पिलखुवा, 30 जुलाई। त्रिरत्न बौद्ध महासंघ उपकेंद्र पिलखुवा के तत्वावधान में आर्यनगर स्थित डॉ. आंबेडकर भवन में आषाढ़ पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा का आयोजन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया कार्यक्रम का शुभारंभ धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने भगवान बुद्ध एवं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प, मोमबत्ती और अगरबत्ती अर्पित कर किया। इसके बाद धम्ममित्र चांदनी, बबीता और बीना ने बुद्ध वंदना का गायन किया धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा बौद्ध परंपरा में विशेष महत्व रखती है। इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ के मृगदाय वन में पांच परिव्राजकों को प्रथम उपदेश देकर धम्मचक्क प्रवर्तन किया था। उन्होंने बताया कि इसी दिन से भिक्षुओं का वर्षावास भी प्रारंभ होता है, जिसके दौरान भिक्षु एक स्थान पर रहकर ध्यान, साधना और धम्म अभ्यास करते हैं उन्होंने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर हमें अपने माता-पिता, शिक्षक, गुरु और कल्याणमित्रों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए कार्यक्रम के दौरान धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति का नागपुर से धम्म शिविर पूरा कर लौटने पर मुनेश, अंजू, बीना सागर, नीतू, अलका बौद्ध, जगवती, ललिता, मुन्नी, साधना और कौशल ने माला पहनाकर स्वागत किया इस अवसर पर ममता, ब्रह्मो देवी, कश्मीरी देवी, कृष्णा देवी, सावित्री देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे। भगवान बुद्ध एवं गुरु महिमा से जुड़े भजनों का भी गायन किया गया कार्यक्रम का संचालन धम्ममित्र बीना बौद्ध ने किया। अंत में सभी को मिठाई वितरित की गई और धम्मपालन गाथा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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