हापुड़

11 वर्षों से नहीं टूटा सेवा का संकल्प, कांवड़ियों के लिए समर्पित डॉ. पराग शर्मा

अंकित गुप्ता /समय दिन /उजागर खबर /हापुड़

हापुड़। कांवड़ यात्रा में जहां एक ओर शिवभक्तों की आस्था और भक्ति देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर सेवा और मानवता की मिसाल भी सामने आ रही है। आरोग्य अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पराग शर्मा पिछले 11 वर्षों से कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए कांवड़ शिविर लगाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी आरोग्य अस्पताल की ओर से लगाए गए शिविर में कांवड़ियों के लिए चिकित्सा सुविधा के साथ भोजन, पेयजल, स्नान और विश्राम की व्यवस्था की गई।

दूर-दराज से पैदल चलकर आने वाले शिवभक्तों के लिए यह शिविर राहत का केंद्र बना हुआ है। लंबी दूरी तय करने के कारण कांवड़ियों के पैरों में छाले, दर्द, सूजन, थकान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिलती हैं। शिविर में चिकित्सकीय टीम द्वारा ऐसे कांवड़ियों का उपचार किया गया और जरूरत के अनुसार दवाएं एवं प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।

शिविर में दिन-रात चिकित्सकीय टीम एवं सेवादार शिवभक्तों की सेवा में जुटे रहे। उपचार के साथ कांवड़ियों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। साथ ही उन्हें कुछ समय विश्राम करने के लिए स्थान भी उपलब्ध कराया गया, ताकि वे अपनी थकान दूर कर नई ऊर्जा के साथ यात्रा आगे बढ़ा सकें।

महिला कांवड़ियों की सेवा में प्रिशा ने बढ़ाया हाथ

डॉ. पराग शर्मा की बेटी प्रिशा ने भी शिविर में महिला कांवड़ियों की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने महिला शिवभक्तों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें आवश्यक सहायता और राहत पहुंचाने का प्रयास किया। पैदल यात्रा के दौरान महिलाओं के पैरों में पड़े छालों और दर्द से राहत दिलाने में प्रिशा की भूमिका की लोगों ने सराहना की।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश राणा ने भी की सेवा

शिविर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश राणा भी पहुंचे और शिवभक्तों की सेवा में सहभागिता की। उन्होंने कांवड़ियों के पैरों में पड़े छालों पर पट्टी बांधी और उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान उन्होंने सेवा कार्य में जुटे लोगों का उत्साह भी बढ़ाया।

सेवा को भगवान शिव की कृपा मानते हैं डॉ. पराग शर्मा

डॉ. पराग शर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का अवसर भी है। पिछले 11 वर्षों से लगातार शिवभक्तों के लिए शिविर लगाया जा रहा है। उनका प्रयास रहता है कि दूर-दराज से पैदल चलकर आने वाले किसी भी कांवड़िए को दर्द या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अपनी यात्रा में कठिनाई न हो।

उन्होंने कहा कि शिविर में चिकित्सा सुविधा के साथ भोजन, पानी, स्नान और विश्राम की व्यवस्था इसलिए की जाती है, ताकि शिवभक्त कुछ समय आराम कर नई ऊर्जा के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें। कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ना, दर्द और थकान आम समस्या है, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उनकी परेशानी काफी कम हो जाती है।

डॉ. शर्मा ने कहा, “हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी उस समय होती है, जब कोई शिवभक्त राहत महसूस करके मुस्कुराते हुए अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ता है। हम इसे सेवा नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद मानते हैं। आने वाले वर्षों में भी इसी भावना के साथ कांवरियों की सेवा जारी रखने का हमारा संकल्प है।”

आरोग्य अस्पताल के शिविर में कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। चिकित्सा सेवा से लेकर भोजन, पेयजल, स्नान और विश्राम तक की सुविधाओं ने इस शिविर को शिवभक्तों के लिए एक उपयोगी और राहत भरा पड़ाव बना दिया है।

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