हापुड़ में खुले में ढोया जा रहा कूड़ा – NGT के नियमों की धज्जियाँ, जनता की सेहत पर संकट!

अंकित गुप्ता /पुष्पेन्द्र कुमार (ujagarkhabar.in)
हापुड़। शहर की सड़कों पर स्वच्छता अभियान की असली तस्वीर बेहद चौंकाने वाली है। नगर पालिका प्रतिदिन कूड़ा तो उठाती है, लेकिन यह कार्य एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए किया जा रहा है।
नियम कहते हैं – कचरे को हमेशा ढके हुए वाहनों से ले जाना चाहिए, ताकि बदबू और संक्रमण न फैले, लेकिन हापुड़ में इसके उलट हो रहा है।
1.कचरे की गाड़ियाँ पूरी तरह खुली रहती हैं।
2.पूरे रास्ते में बदबू और गंदगी फैलती है।
3.गीले कचरे का रस सड़क पर टपकता है।
4.मच्छरों की भरमार, डेंगू-मलेरिया का बढ़ता खतरा।
सरकार “स्वच्छ भारत अभियान” पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नगर पालिका स्वयं जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रही है।
यह न केवल लापरवाही है, बल्कि आम लोगों के जीवन के साथ सीधा मज़ाक है।
क्या प्रशासन तब जागेगा, जब बीमारियाँ फैलकर हालात बेकाबू हो जाएँगे?




