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देशभक्ति से सराबोर कवि सम्मेलन: हापुड़ में शहीदों के नाम गूँजी अमर गाथाएँ।

अंकित गुप्ता /पुष्पेंद्र कुमार (ujagarkhabar.in)

हापुड़: दोयमी रोड स्थित आवासीय वृद्धाश्रम का प्रांगण रविवार को अद्भुत नज़ारे का साक्षी बना। तिरंगे की छाँव, पुष्पों की सुगंध और कवियों के जोशीले स्वर मिलकर ऐसा वातावरण बना रहे थे मानो पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की सरिता में बह रहा हो। एलायंस क्लब हापुड़ यूथ और आवासीय वृद्धाश्रम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विराट कवि सम्मेलन को शहीदों को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात कवि डॉ. अनिल बाजपेई ने अपने ओजस्वी अंदाज़ में किया और मंच पर ही उनकी कविताएँ सबके दिलों में जोश भरती रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अजय बंसल ने कहा – “शहीद केवल इतिहास नहीं, वे हमारी आत्मा हैं। उनकी कुर्बानी ने ही हमें यह आज़ादी और सुरक्षित जीवन दिया है।”

जब कवि विनीत ने तिरंगे को साँसों की पहचान बताते हुए कविता सुनाई तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। क्षमा शर्मा ने सीमा पर लड़ते वीर सैनिकों के शौर्य का चित्र खींचा तो श्रोताओं की आँखें नम हो गईं। कीर्ति सिंहल ने शहीदों को अमर दीपक बताते हुए भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की, वहीं शिवानी शर्मा की कविताओं में करुणा और गर्व दोनों का अद्भुत संगम था।

जोश से भरपूर पंक्तियाँ प्रस्तुत करते हुए सचिन अग्रवाल ने कहा – “जब तिरंगा ऊँचा लहराता है तो लगता है मानो हर शहीद फिर से जीवित हो उठा है। कार्यक्रम के अंत में पूनम शर्मा ने सभी कवियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा – “यह कवि सम्मेलन शहीदों के लिए हमारी सामूहिक श्रद्धांजलि है, जो हर दिल में अमर रहेगी पूरा आयोजन देशभक्ति और शौर्य की गाथाओं से सराबोर रहा। हर कविता, हर स्वर ने यही संदेश दिया ,भारत माँ के वीर सपूत अमर हैं और उनकी गाथाएँ युगों-युगों तक गूँजती रहेंगी।

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